Best Astrologer in India Gopal Raju Best Astrologer in India Gopal Raju
Best Astrologer in India Gopal Raju Best Astrologer in India Gopal Raju
Best Astrologer in India Gopal Raju Best Astrologer in India Gopal Raju
Best Astrologer in India Gopal Raju Best Astrologer in India Gopal Raju
Best Astrologer in India Gopal Raju Best Astrologer in India Gopal Raju
Best Astrologer in India Gopal Raju Best Astrologer in India Gopal Raju
Instead of shopping, we analyze logically and intellectually | Instead of shopping, we analyze logically and intellectually | Instead of shopping, we analyze logically and intellectually | Instead of shopping, we analyze logically and intellectually | Instead of shopping, we analyze logically and intellectually | Instead of shopping, we analyze logically and intellectually | Instead of shopping, we analyze logically and intellectually | Instead of shopping, we analyze logically and intellectually

Met Gopal Raju ji & I am really very happy because he is not a greedy or money minded person. He showed that way to me that very poor person can also do his easy remedies. I am very thankful to him. I will like to meet him in future also.
*Rekha Nail, Barwaha, Indore
आशा के विपरीत कई वर्षों से मैं मानसिक रूप से बिल्कुल टूट गयी थी व ज़बरदस्त depression की शिकार थी । परन्तु आपने मुझे कई ऐसी चीज़ें पढ़ने को दीं व कई उपाय बताये जिनसे मेरे जीवन में विलक्षण परिवर्तन आया । मैं शब्दों में वह सब नहीं बता सकती परन्तु यह कह सकती हूँ यहाँ आकर मैंने बहुत राहत पाई है और साथ ही साथ मानसिक बल जिससे अब डिप्रेशन नहीं रहता ।
*आशा शर्मा, मेरठ
I got a Central Govt job immediately performed puja etc. by Shri Gopal Raju ji. Now I am getting still higher education here. My sincere thanks to his intellectual guidance and astrological help.
*Prinyanka Jain, Denmark
बहुत सुंदर जानकारी है कृप्या यह भी बताए की पूजा पाठ मन्दिर में कैसे सामजस्य करे विपश्यना पद्धति का
*Aditya rohilla
२५ वर्षों से भी अधिक से मैं गोपाल राजू जी जुड़ा हूँ । मुंबई प्रवास में उनकी पूजा और अनुष्ठान से मुझे आशातीत लाभ हो रहा है । मेरे साथ हरिद्वार में उनके द्वारा किये गए अनुष्ठान ने तो मुझे बहुत ही उन्नति दी । आज मुंबई जैसे महानगर में मेरे दो क्लिनिक और अपना मकान है । आज भी मैं उनसे जुड़ा हुआ हूँ और नियमित उनकी सलाह पर चलता हूँ । बहुत आस्था है मुझे उनपर और उनकी कार्यशैली पर ।
*डॉ. चौधरी, मुंबई
I met Dr. Gopal ji only last year. He did puja/anusthan for me. His way of working is scientific and logical I have got now a very bid contract at Dehradun. His small tips are very simple and effective as well.
*Er. Pramod Kumar, Dehradun
Very nice sir
*Rajesh vashist



शाम्भवी मुद्रा क्या है

शाम्भवी मुद्रा क्या है, भगवद्गीता, पातंजल योग सूत्र, अमनस्क योग, घेरण्ड संहिता, शिवसंहिता, गोरक्षा संहिता, हठयोग प्रदीपिका, योग चिंतामणि,अभिनव गुप्ताचार्य, आदिशक्ति उमा स्वरुपिणी, शिवप्रिया, शंभूप्रिया, गोपाल राजू, Best Astrologer in India, Best Astrologer in Delhi, Best Article on Shambhvi Mudra,कैसे सिद्ध करें शाम्भवी मुद्रा, परमात्मा की प्राप्ति

          शाम्भवी मुद्रा क्या है

    मुद्राओं में एक शाम्भवी मुद्रा का वर्णन भगवद्गीता, पातंजल योग सूत्र, अमनस्क योग, घेरण्ड संहिता, शिवसंहिता, गोरक्षा संहिता, हठयोग प्रदीपिका, योग चिंतामणि तथा अभिनव गुप्ताचार्य और योग के अनेक शास्वत ग्रंथों में आता है। शाम्भवी मुद्रा को आदिशक्ति उमा स्वरुपिणी, शिवप्रिया, शंभूप्रिया आदि मुद्रा भी कहते हैं। स्वयं बोध अमनस्क योग में स्पष्ट लिखा है कि यह विद्या अत्यन्त गुप्तादिगुप्त है और किसी विरले पुण्यआत्मा को ही सिद्ध होती है।

    लाहिडी महाशय और महावतार बाबा के क्रिया योग में जो चित्र हम देखते हैं वह शाम्भवी मुद्रा में ही हैं। शाम्भवी सिद्ध मुद्रा वाले किसी संत, महात्मा के सानिध्य और यहाँ तक की उनके दर्शन मात्र से ही मुक्ति पद की प्राप्ति होती है। भूत, भविष्य की बातों का ज्ञाता बनना तो ऐसे महात्माओं के लिए बहुत ही साधारण सी बातें होती हैं।

    मैडिकल रिसर्च के योग और अध्यात्मवादी जिज्ञासु वैज्ञानिकों ने एक मत से यह निष्कर्ष निकाला है कि एकाग्रता, भावनात्मक सन्तुलन, शरीर में ऊर्जा का स्तर, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उपलब्धियों के साथ-साथ एलर्जी, दमा, अस्थमा, दिल के रोग, मधुमेह, अनिद्रा रोग, अवसाद आदि अनेकों शारीरिक रोगों में इस मुद्रा के सतत् अभ्यास से चमत्कारिक रूप से लाभ देखने को मिला है।

    शाम्भवी मुद्रा साधकों के ई. ई.जी से प्राप्त निष्कर्षो में यह तथ्य सामने आया कि मस्तिष्क में बायें और दायें गोलार्ध के मध्य चमत्कारिक रूप से संतुलन बन जाता है और यह बुद्धि को प्रखर बनाता है।

    यदि विद्यार्थी वर्ग को अथवा ऐसे व्यक्तियों को, जिनका कार्य शिक्षा अथवा अन्य बौद्धिक स्तर का है, इस मुद्रा का अभ्यास करवा कर सिद्धहस्त किया जाए तो उनसे मिलने वाले परिणाम और भी अधिक संतोषजनक होंगे।

कैसे सिद्ध करें शाम्भवी मुद्रा

    कहीं शांतचित समतल स्थान पर किसी सरल, सुगम एवं सुखद आसन में बैठ जाएं। रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी रखें, बैठने वाले समतल स्थान के सापेक्ष ठीक 90 डिग्री पर अपना समस्त ध्यान दोनों भौवों के मध्य स्थित आज्ञा चक्र पर टिका लें। करना कुछ नहीं है न कोई मंत्र, न कोई कर्मकाण्ड और न ही कोई जप-तप आदि। बस ध्यान को इस एक स्थान पर टिकाए रखने का अभ्यास करना है। ऐसा प्रयास करते जाना है कि अर्धखुली अथवा पूर्णतया खुली आँखों से भी बाहर की किसी वस्तु पर ध्यान न जाए बिल्कुल विचार शून्य बन जाना है। बाह्य कोई वस्तु दिखलाई न दे, ध्यान में इतना रम जाना है। और इस क्रिया को त्राटक से सर्वथा भिन्न समझना है। अमनस्क योग में लिखा है कि यह शाम्भवी मुद्रा अन्तर्लक्षवाली, बहिर्दृष्टिवाली और निमेष-उन्मेष से शून्य है। अर्थात् इस मुद्रा में बहिर्दृष्टि होने पर भी अन्तर्लक्ष होता है और दृष्टि में निमेष और उन्मेष नहीं होते।

    अभ्यास के मध्य प्रारम्भिक अवस्था में आँखों में खिचाव आता है, उनमें पीड़ा भी हो सकती है परन्तु धीरे-धीरे एक ऐसी अवस्था आने लगती है कि बन्द, खुली अथवा अर्धखुली आँखों से भी आँखों पर ही नहीं बल्कि भौतिक शरीर के किसी अंग पर ध्यान जाना ही बन्द हो जाता है। बाहरी विषयों को देखना, उनका ध्यान करना जब पूर्णतया समाप्त हो जाता है तब अन्तकरण की वृत्ति और विषय से अलग मन, प्राण और सुखद नींद की अवस्था में साधक पहुँच जाता हैं। साधारण नींद और शम्भवी साधक की निद्रा अवस्था में धरती और आकाश का अन्तर है। एक में मन अचेत अवस्था में पहुँच जाता हैं और एक में मन चैतन्य रहता है। बस वह सांसारिक समस्त विषय वस्तु से और विषयों में आसक्त मन से मुक्त रहता है। यही परम दिव्य शाम्भव तत्व है और यही अन्ततः परमात्मा की प्राप्ति का एक प्रशस्त मार्ग है। शाम्भवी मुद्रा सिद्ध हस्त साधक साक्षात् बह्म स्वरूप  हो जाता है।

Gopal Raju


 


Feedback

Name
Email
Message


Web Counter
Astrology, Best Astrologer, Numerology, Best Numerologist, Palmistry,Best Palmist, Tantra, Best Tantrik, Mantra Siddhi,Vastu Shastra, Fangshui , Best Astrologer in India, Best Astrologer in Roorkee, Best Astrologer In Uttrakhand, Best Astrologer in Delhi, Best Astrologer in Mumbai, Best Astrologer in Channai, Best Astrologer in Dehradun, Best Astrologer in Haridwar, Best Astrologer in Nagpur, Gemologist, Lucky Gemstone, Omen, Muhurth, Physiognomy, Dmonocracy, Dreams, Prediction, Fortune, Fortunate Name, Yantra, Mangal Dosha, Kalsarp Dosh, Manglik,Vivah Mailapak, Marriage Match, Mysticism, Tarot, I Ch’ing, Evil Spirits, Siddhi, Mantra Siddhi, Meditation, Yoga, Best Teacher of Yoga, Best Astrologer in Rishikesh, Best Astrologer in Chandigarh, Best Astrologer in Mumbai, Best Astrologer in Pune, Best Astrologer in Bhopal, Best Articles on Astrology, Best Books on Astrology,Face Reading, Kabala of Numbers, Bio-rhythm, Gopal Raju, Ask, Uttrakhand Tourism, Himalayas, Gopal Raju Articles, Best Articles of Occult,Ganga, Gayatri, Cow, Vedic Astrologer, Vedic Astrology, Gemini Sutra, Indrajal Original, Best Articles, Occult, Occultist, Best Occultist, Shree Yantra, Evil Eye, Witch Craft, Holy, Best Tantrik in India, Om, Tantrik Anushan, Dosha – Mangal Dosha, Shani Sade Sati, Nadi Dosha, Kal Sarp Dosha etc., Career related problems, Financial problems, Business problems, Progeny problems, Children related problems, Legal or court case problems, Property related problems, etc., Famous Astrologer & Tantrik,Black Magic, Aura,Love Affair, Love Problem Solution, , Famous & Best Astrologer India, Love Mrriage,Best Astrologer in World, Husband Wife Issues, Enemy Issues, Foreign Trip, Psychic Reading, Health Problems, Court Matters, Child Birth Issue, Grah Kalesh, Business Losses, Marriage Problem, Fortunate Name